28 साल पुराने घर को मशीन ने उठाया तीन फीट ऊपर, रख दिया सड़क पर

28 साल पुराने घर को मशीन ने उठाया तीन फीट ऊपर, रख दिया सड़क पर

मुरैना. शहर की विवेकानंद कॉलोनी में 28 साल पहले बने एक मकान को जमीन से चार फीट ऊंचा उठाया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इतने सालों में कई बार सड़क बनने से मकान का दरवाजा रोड के लेवल से नीचे हो गया है। इससे बारिश और नालियों का पानी घर में भरने लगा था। इससे परेशान मकान मालकिन इंदिरा शर्मा ने हरियाणा की वर्ल्ड यूनिक कंपनी महावीर एंड ब्रदर्स से संपर्क किया। मकान को लिफ्ट करने का ठेका दो लाख रुपए में तय हुआ।
कंपनी ने पिछले एक माह में मकान को जमीन से तीन फीट लिफ्ट (ऊंचा) किया है। अभी मकान को एक फीट और ऊंचा किया जाना है। लिफ्ट टेक्नोलॉजी से मकान का लेवल ऊंचा करने की प्रक्रिया से उसकी मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ता साथ ही यह मकान तोड़कर नए सिरे से बनवाने के एवज में सस्ता भी पड़ता है।
सावधानी जरूरी है इस काम में : जैक उठाने के काम को कमांड कर संतोष कुमार हरियाणा ने दैनिक भास्कर को बताया कि इस काम में सावधानी जरूरी है। क्योंकि कोई भी जैक कम या ज्यादा उठेगा तो बैलेंस  गड़बड़ा जाएगा। इसलिए हर मिनट पर आवाज देकर प्रत्येक कॉर्नर व बीच में काम करने वाले मजदूरों को चेताया जाता है। संतोष कुमार कहते हैं कि हमारी कंपनी इस काम में मकान की मजबूती की 100 प्रतिशत गारंटी देती है।

एक से तीन फीट तक मकान लिफ्ट करने का खर्चा ‌‌‌146 वर्गफीट
वर्ल्ड यूनिक कंपनी पुराने मकान को एक से तीन फीट तक लिफ्ट करने के लिए 146 रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से ठेका लेती है। इससे ऊपर मकान लिफ्ट कराने पर प्रति वर्गफीट 30 रुपए फीट के हिसाब से अतिरिक्त चार्ज देना होता है। 
ऐसे समझें मकान लिफ्ट कराने का खर्च
मुरैना के विवेकानंद कॉलोनी में रहने वाली इंदिरा शर्मा के 900 वर्गफीट (20 गुणा 45 फीट) मकान को 225 रुपए प्रतिवर्ग फीट के हिसाब से लिफ्ट कर रही है। कंपनी की निर्धारित दरें व अन्य खर्च मिलाकर कुल दो लाख रुपए में 900 वर्गफीट के मकान को चार फीट ऊंचा उठाया जा रहा है। 
चार-पांच मंजिला मकान भी छह फीट तक हो सकता है लिफ्ट 
वर्ल्ड यूनिक कंपनी महावीर एंड ब्रदर्स बिलासपुर (हरियाणा) के मालिक सहीराम ने बताया कि अगर मकान का नीचे का लैंटर मजबूत हो और दीवारें दो ईंट की चौड़ाई की हों तो चार-पांच मंजिला मकान भी अधिकतम पांच-छह फीट तक शिफ्ट व लिफ्ट किया जा सकता है। खुले में बने मकान को लिफ्ट करने में आसानी होती है, खर्च कम आता है। अगर मकान को अपने स्थान से खिसकाकर अन्य जगह शिफ्ट किया जाएगा तो खर्च बहुत आता है।  शिफ्टिंग में तकनीक ज्यादा इस्तेमाल होती है, खर्च बढ़ता है जो कि कभी-कभी मकान की लागत से ज्यादा हो सकता है। इसलिए उसे ज्यादा दूर तक शिफ्ट नहीं कराया जाता।
मकान को ऊंचा करने की कारगर विधि है लिफ्टिंग
यह काम बहुत अच्छे तरीके से चल रहा है। हमारा परिवार इसमें आजकल छत का उपयोग भी कर रहा है। कुछ सामान दूसरी जगह रखवाया है, जबकि रोज के उपयोग का सामान अंदर ही है।'
इंद्रा शर्मा, मकान मालकिन विवेकानंद कॉलोनी मुरैना
ऐसे लिफ्ट किया जा रहा है मकान

- सबसे पहले मकान को खाली कराकर अंदर के फर्श को खोदा और नींवों को साइड से उखाड़कर दासे की पटिया के नीचे लोहे के एंगल फंसाए।
- समूचे एंगलों को वेल्डिंग करके एक समान बेस तैयार किया और उसके नीचे जैक लगाए। कुल 200 जैक लगाकर उन्हें एक साथ आधा-आधा इंच उठाना शुरू किया।
- जैक को लीवर से चलाने के लिए 14 एक्सपर्ट मजदूर लगे हैं जो हेड मिस्त्री की कमांड मिलने के बाद एक साथ सभी जेक को आधा-आधा इंच ऊपर उठाते हैं। 
- जब 200 जैक आधा इंच ऊपर आ जाते हैं तब दोबारा से फिर एक-एक करके सभी जैक लीवर के सहारे आधा इंच उठाए जाते हैं। यह प्रक्रिया दिन भर चलती है।
28 साल पुराने घर को मशीन ने उठाया तीन फीट ऊपर, रख दिया सड़क पर
source - bhaskar

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