दिल्‍ली की हार के बाद बजट से माहौल बदलने में जुटी मोदी सरकार

दिल्‍ली की हार के बाद बजट से माहौल बदलने में जुटी मोदी सरकार
नई दिल्‍ली। दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्‍त के बाद मोदी सरकार के लिए आम बजट की अहमियत और भी ज्‍यादा बढ़ गई है। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली के बाद शनिवार को प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने भी आर्थिक सुधारों में तेजी लाने का भरोसा दिलाया है। महाराष्‍ट्र के चाकन में अमेरिकी इंजीनियरिंग कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक कॉरपोरेशन के मल्‍टीमॉडल मैन्‍युफैक्‍चरिंग संयंत्र का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने निवेशकों को देश के आर्थिक विकास में भागीदार बनने का न्‍यौता दिया है। 
दिल्‍ली में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के बाद मोदी सरकार पर आर्थिक एजेंडे का अमल में लाने का दबाव बढ़ गया है। अर्थशास्‍त्री डी.एच. पई पनंदीकर का कहना है कि महंगाई और सरकारी घाटे के मोर्चे पर स्थितियां मोदी सरकार के अनुकूल हैं लेकिन हाल के महीनों में मैन्‍युफैक्‍चरिंग और एक्‍सपोर्ट के आंकड़ों ने निराश किया है। दिल्‍ली की राजनीति में हुए हाल के उलटफेर के बाद आम बजट मोदी सरकार के लिए एक बड़ा मौका है। अपने पहले आम बजट में पीएम मोदी अपने आर्थिक एजेंडे की झलक दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे। इससे पहले वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने भी कहा था कि दिल्‍ली के चुनाव नतीजों से केंद्र सरकार के आर्थिक सुधारों की रफ्तार नहीं थमेगी। 
किसानयुवा और उद्योगों पर रहेगा जोर 
महाराष्‍ट्र में अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह किसानों की समस्‍याओं और मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है, उससे माना जा रहा है कि बजट में किसान और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। हालांकि, भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव और फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍यों में मामूली बढ़ोतरी की वजह से किसानों का गुस्‍सा केंद्र सरकार से बढ़ता जा रहा है। अन्‍ना हजारे के नेतृत्‍व में देश के 90 किसान संगठनों ने भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव के विरोध का ऐलान किया है।
देश-विदेश की कंपनियों को आकर्षित करने के लिए नरेंद्र मोदी ने कारोबार की राह आसान करने का दावा किया है। उनका कहना है कि हॉस्पिटैलिटी वेंचर शुरू करने के लिए अावश्‍यक क्लियरेंस की संख्‍या 110 से घटाकर 20 की जाएगी। कॉरपोरेट्स को लुभाने के लिए बजट में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े कई ऐलान हो सकते हैं। इसी तरह युवाओं को रोजगार के जरिए लुभाने की कोशिश की जा सकती है। 
मेक शिप इन इंडिया 

मेक इन इंडिया का नारा देने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीई कारपोरेशन को भारत में शिप बिल्डिंग का न्‍यौता दिया है। उन्‍होंने कहा कि ग्लोबल इनवेस्‍टर्स को भारत के डिफेंस और शिप बिल्डिंग क्षेत्र में मौजूद अवसरों को भुनाने का न्‍यौता दिया है। मोदी के अनुसार भारत तीसरी दुनिया के देशों को डिफेंस उपकरणों का बड़ा निर्यातक बन सकता है। गौरतलब है कि फिलहाल भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस इंपोर्टर है।  
Source - Bhaskar

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