सत्याग्रहियों के पैरों से खून निकला, घोघलगांव में 16वें दिन जारी रहा जल सत्याग्रह


सत्याग्रहियों के पैरों से खून निकला, घोघलगांव में 16वें दिन जारी रहा जल सत्याग्रह

खंडवा। जमीन के बदले जमीन और पुनर्वास के लिए ओंकारेश्वर बांध के पानी में जल सत्याग्रह करने वालों के पैरों से खून रिसने लगा है लेकिन इलाज के लिए तैयार नहीं है। कुछ लोग पानी में लगातार बैठ रहे हैं। इस कारण पैरों की त्वचा गलने लगी है। घाव हो गए हैं। मछलियां पैरों की त्वचा को नुकसान पहुंचा रही हैं। नर्मदा बचाओ आंदोलन के मुताबिक सत्याग्रह करने वालों का स्वास्थ बिगड़ रहा है। बुखारबदन दर्द की शिकायत है। रविवार को जल सत्याग्रह का 16वां दिन रहा। सत्याग्रहियों के पैरों की चमड़ी निकल गई है। खून रिस रहा है।

आंदोलन विकास विरोधी नहीं : अालोक अग्रवाल 
नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता आलोक अग्रवाल ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के बयान को गलत और दुर्भावनापूर्ण बताया है। शिवराज सिंह ने सत्याग्रह को विकास विरोधी बताया है। इसका जवाब देते हुए एनबीए ने कहा कि आंदोलन विकास विरोधी नहीं है। बल्कि परियोजना से विस्थापित लोगों को भिखारी होने से बचाया है।

बांधों से उजड़ने वाले लोगों के हक की लड़ाई नर्मदा बचाओ आंदोलन ने लड़ी है। पुनर्वास न करने का एक महत्वपूर्ण कारण बांध बना रही सरकारी कंपनी नर्मदा हाइड्रो इलेक्ट्रिक कंपनी को लाभ पहुंचाना है। कंपनी ने 4000 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है
Source - bhaskar

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