पूर्व प्रेसिडेंट कलाम का निधन, आज रामेश्वरम में होगा अंतिम संस्कार

शिलॉन्ग. दिल का दौरा पड़ने से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का सोमवार शाम निधन हो गया। निधन से पहले 83 साल के डॉ. कलाम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, शिलॉन्ग में लेक्चर दे रहे थे। उसी दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे बेहोश हो गए। उन्हें शिलॉन्ग के बेथनी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन शाम 7.45 बजे अस्पताल ने उनके निधन की घोषणा की। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. जॉन ने इस बात की पुष्टि की है। जॉन ने बताया कि 7 बजे उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। कलाम के निधन पर 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। (डॉ. कलाम के 11 सिद्धान्त, जिससे सीखा पूरे देश ने)
रामेश्वरम में होगा अंतिम संस्कार
डॉ. कलाम का पार्थिव शव मंगलवार सुबह दिल्ली लाया जाएगा। जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद उनके गृह नगर रामेश्वरम उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।(वैज्ञानिक बनने से पहले टूटा था एयरफोर्स में जाने का डॉ. कलाम का सपना)
पृथ्वी पर लेक्चर देने गए थे शिलॉन्ग
IIM, शिलॉन्ग में डॉ. कलाम लिवेबल प्लैनेट अर्थ सब्जेक्ट पर लेक्चर दे रहे थे। इस बारे में उन्होंने ट्वीट भी किया था, जो उनका आखिरी ट्वीट साबित हुआ। 15 अक्टूबर, 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में जन्मे कलाम ने 2002 में देश के 11 वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। वे मिसाइलमैन के रूप में भी मशहूर रहे।(देखिए, डॉ. कलाम के RARE PHOTOS)
‏डॉ. कलाम का आखिरी TWEET
@APJAbdulKalam 
Going to Shillong.. to take course on Livable Planet earth at iim.
With @srijanpalsingh and Sharma.
26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को किया था याद
@APJAbdulKalam 
Today is anniversary of operation Vijay ... on this day my respect to all the soldiers who served the nation in such difficult times.
कौन थे कलाम
- 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वर में जन्मे डॉ. कलाम लम्बे समय तक डीआरडीओ से जुड़े रहे।
- देश के पहले स्वदेशी उपग्रह पीएसएलवी-3 के विकास में अहम योगदान दिया था।
- पृथ्वी और अग्नि जैसी मिसाइलें बनाने में बड़ा रोल।
- 1998 के पोकरण परमाणु परीक्षण को लीड किया।
- 1997 में देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजे गए।
- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वैज्ञानिक सलाहकार रहे।
- सोशल मीडिया पर सक्रिय थे।
- खाली समय में संगीत सुनने का शौक था।
- बचपन में पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए अखबार तक बेचा।
- ताउम्र अविवाहित रहे

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