टैक्स ई-रिफंड कैसे पाएं, जानें तरीका



इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स को सिर्फ ई-रिफंड के तौर पर ही रिफंड जारी करता है। चेक के जरिए रिफंड जारी करने की प्रक्रिया को अब बंद कर दिया गया है। रिफंड अमाउंट पाने के लिए जरूरी है कि टैक्सपेयर का बैंक अकाउंट उसके परमानैंट अकाउंट नंबर (PAN) से लिंक हो और इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेट होना चाहिए। 

1. आईटी पोर्टल पर एक्सेस 
सबसे पहले टैक्सपेयर को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर विजिट करना होगा। पोर्टल को एक्सेस करने के लिए आपको यूजर नेम (टैक्सपेयर का पैन नंबर) और पासवर्ड के साथ कैप्चा कोड डालकर लॉगइन करना होगा। जिन लोगों ने इनकम टैक्स की वेबसाइट पर रजिस्टर नहीं किया है, उन्हें पहले रजिस्टर करने की जरूरत होगी। 

2. सही टैब का चुनाव करना 
लॉगइन करने के बाद, टैक्सपेयर को ‘dashboard’ टैब चेक करना चाहिए। इसके बाद, ‘profile settings’ पर क्लिक करें और आपको ड्रॉपडाउन मेन्यू में कई विकल्प दिखेंगे। इसके बाद ‘prevalidate your bank account’ ऑप्शन को चुनें और आगे की प्रक्रिया पूरी करें। 

3. प्री-वैलिडेट अकाउंट 
टैक्सपेयर को बैंक अकाउंट नंबर, IFSC कोड, बैंक का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल-आईडी जैसी जानकारियां डालनी होंगी। ध्यान रहे कि पैन, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी वहीं होने चाहिए जो आपके बैंक अकाउंट के साथ रजिस्टर्ड हैं। इसके बाद, टैक्सपेयर को ‘pre-validate’ बटन पर क्लिक करना होगा। प्री-वैलिडेशन स्टेटस टैक्सपेयर के रजिस्टर्ड ईमेल-आई़डी और मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। इसके अलावा, आप ई-फाइलिंग वेबसाइट पर भी लॉगइन कर स्टेटस देख सकते हैं। स्टेटस देखने के लिए ‘profile settings’ और ‘pre-validate your bank account’ टैब्स पर क्लिक करना होगा। 

4. ध्यान रखने वाली बातें 
टैक्सपेयर के लिए यह जरूरी है कि बैंक अकाउंट को प्री-वैलिडेट करने के लिए सबसे पहले पैन और बैंक अकाउंट को लिंक कर लें। 
टैक्सपेयर सिर्फ प्री-वैलिडेट बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कर ही इनकम टैक्स रिटर्न को ई-वेरिफाई कर सकते हैं।

Source - Nav Bharat