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बिना आरक्षण भीमराव अंबेडकर के पास थीं 26 उपाधियां, जानें- कितनी की थी पढ़ाई



आज भारत के संविधान निर्माता, समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है. राष्ट्र निर्माण में अहम सहयोग देने वाले अंबेडकर का जन्म मध्य प्रदेश के महू में 14 अप्रैल 1891 को हुआ था. अबंडेकर को अपनी पढ़ाई और देश के लिए कई अहम कार्यों के लिए जाना जाता है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर कितने पढ़े-लिखे थे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर...

- भीमराव अंबेडकर की शुरुआती पढ़ाई दापोली और सतारा में हुई और वे साल 1907 में बंबई के एलफिन्स्टोन स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए. इस अवसर पर एक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया था और उसमें भेंट स्वरुप उनके शिक्षक श्री कृष्णाजी अर्जुन केलुस्कर ने अपनी पुस्तक 'बुद्ध चरित्र' उन्हें प्रदान की थी.

4000 करोड़, 146 साल पुराना, ऐसा है सिंधिया का महल, देखें Photos


ग्वालियर राजघराने से ताल्लुक रखने वाले ज्या‍ेतिरादित्य सिंध‍िया कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामने के चलते कल से सुर्खि‍यों में हैं. ज्योतिरादित्य की गिनती एक कद्दावर नेता के साथ-साथ राजघराने की इस पीढ़ी के वारिस के तौर पर भी होती है. क्या आपको पता है कि ज्योतिरादित्य सिंध‍िया जिस महल में रहते हैं, वो 12 लाख वर्गफीट से भी ज्यादा बड़ा है. वो इस महल के इकलौते मालिक हैं. आइए जानें- क्या है उस महल की खासियत जहां रहता है ज्योतिरादित्य का परिवार. 

कभी फीस के लिए की थी ड्राइवर की नौकरी, अब हैं दिल्ली BJP का सबसे बड़ा चेहरा


दिल्ली में चुनावी माहौल है. हर तरफ बयानबाजी का दौर चल रहा है. बीजेपी की तरफ से आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मोर्चा संभाल रखा है. ऐसे में उनके कई इंटरव्यू और बयान इन दिनों वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह अपने जीवन के कई राज खोल रहे हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में अनसुनी बातें.

कौन हैं भगत सिंह कोश्यारी, जिनके हाथ है महाराष्ट्र की सियासी किस्मत का फैसला



महाराष्ट्र के बदलते राजनीतिक समीकरण में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथ में प्रदेश की सत्ता का फैसला है. महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए राज्यपाल कोश्यारी के निमंत्रण देने के बावजूद बीजेपी ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. जबकि, शिवसेना तय समय सीमा में 145 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को नहीं दे पाई. इसके चलते गवर्नर ने महाराष्ट्र की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी एनसीपी को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया है. ऐसे में एनसीपी भी बहुमत का दावा पेश करने में सफल नहीं होती है तो महाराष्ट्र का सियासी संकट सुलझाने के लिए कदम उठाने की जिम्मेदारी कोश्यारी पर ही होगी.

जब BHU के चंदे के लिए महामना ने नीलाम कर दी निजाम की जूती



भारत रत्न से सम्मानित महामना मदनमोहन मालवीय की आज (12 नवंबर) पुण्यतिथि है. आज देश-विदेश में विख्यात बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) जैसा केंद्रीय संस्थान देने वाले महामना ने लोगों से चंदा मांगकर इसकी नींव रखी थी. आइए, जानें- उनके जीवन से जुड़ी ये खास बातें.

महामना मदन मोहन मालवीय देश के शिक्षाविद् होने के साथ ही एक स्वतंत्रता सेनानी भी थी. उन्हें BHU के पितामाह के नाम से भी पहचान मिली थी. वो राष्ट्र प्रेम, राष्ट्र भाषा के समर्थक थे. पंडित मदन मोहन मालवीय का निधन 12 नवंबर 1946 को बनारस में हुआ था. उनका पूरा जीवन देश और शिक्षा के नाम समर्पित रहा. उन्होंने साल 1884 में स्नातक की डिग्री की थी.

अरुण जेटली की पत्नी ने पति की पेंशन लेने से मना कर दिया, वजह भावुक करने वाली है



पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के परिवारवालों ने उनके निधन के बाद मिलने वाली पेंशन लेने से मना कर दिया है. जेटली की पत्नी संगीता जेटली ने इस मामले को लेकर उपराष्ट्रपति एम वेंकया नायडू को चिट्ठी लिखी है. इसमें संगीता ने लिखा है कि जेटली की पेंशन राज्यसभा के कम सैलरी वाले कर्मचारियों को दी जा सकती है. क्योंकि उन्हें इसकी ज्यादा आवश्यकता है.

Guess Which City? Arvind Kejriwal Tweets Photos Of Clear, Blue Skies



Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal on Thursday tweeted pictures of "clear, blue skies", exalting one of those rare times when India's capital city appeared to not be struggling for breath.

Air pollution appeared to be on top of the day's agenda at the Delhi secretariat with the Chief Minister also writing to his counterparts in Haryana and Punjab, along with the Ministry of Environment, to take greater steps to curb crop burning and other causes of pollution.

DU में पढ़ाई, ABVP से राजनीति, SC में वकालत, जेटली का बेमिसाल सफर


पढ़ाई में होनहार, तर्क कौशल के धनी और राजनीति के धुरंधर अरुण जेटली बीजेपी में एक बड़े कद के नेता थे. उनका जन्म 28 दिसंबर, 1952 को दिल्ली में महाराज किशन जेटली और रतन प्रभा जेटली के घर हुआ था. उनके पिता वकालत के पेशे में थे, सो बचपन से ही पिता को आदर्श मानने वाले अरुण जेटली के मन में वकील बनने का सपना जाग गया था. लंबे समय से बीमारी के चलते आज (24 अगस्त) को दोपहर 12.07 बजे निधन हो गया था. आइए जानते हैं उनके बारे में. 

ऐसा है अरुण जेटली का परिवार, पिता की तरह ही वकील हैं बेटा-बेटी



पूर्व वित्त मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता अरुण जेटली लंबे समय से बीमार थे. आज दोपहर 12.07 बजे उनका निधन हो गया. वह एक प्रखर नेता और कुशल रणनीतिकार के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे. उन्होंने भारतीय राजनीति में कई बड़ी जिम्मेदारियां निभाईं.

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गांधी-नेहरू परिवार के कांग्रेस में 100 साल, इन 6 अध्यक्षों के हाथ 50 साल तक कमान


कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रह चुकीं सोनिया गांधी को पार्टी को संकट से निकालने के लिए एक बार फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है. ढाई महीनों की जद्दोजहद के बाद उन्हें अंतरिम अध्यक्ष चुन लिया गया है. इस साल कांग्रेस में नेहरू-गांधी परिवार की राजनीति के 100 साल पूरे होने जा रहे हैं. 1919 में पहली बार नेहरू परिवार से मोतीलाल नेहरू को पार्टी अध्यक्ष चुना गया था. अब तक इस परिवार से 6 पार्टी अध्यक्ष रहे, जिन्होंने करीब 50 साल तक पार्टी की कमान संभाली है.

जानें- अंबेडकर के वो काम, जिन्हें हमेशा याद रखेगा हिंदुस्तान


भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन के 65 सालों में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, औद्योगिक, संवैधानिक आदि क्षेत्रों में अनगिनत कार्य करके राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उन्होंने कई ऐसे काम किए, जिन्हें आज भी हिंदुस्तान याद रखता है. अंबेडकर जयंती के अवसर पर जानते हैं कि उन्होंने राष्ट्र निर्माण में क्या क्या कार्य किए...

महबूबा मुफ्ती की गिरफ्तारी के बाद चर्चा में हैं बेटी, जानें- क्या करती हैं काम


जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती की गिरफ्तारी पर उनकी बेटी इल्तिजा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नराजगी जताई है. साथ ही उन्होंने कहा 'मां को जानवरों की तरह क्यों बंद कर दिया गया'. जिसके बाद महबूबा मुफ्ती की बेटी चर्चा में आ गई है. आइए जानते हैं उनकी बेटियों के बारे में, वह क्या काम करती हैं और क्या है उनकी एजुकेशन.

सुषमा स्वराज का शुक्रगुजार रहेगा हिंदी सिनेमा, बॉलीवुड को दिलाई थी अंडरवर्ल्ड से मुक्ति


बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड का पुराना कनेक्शन रहा है. एक समय ऐसा था जब मुंबई में बॉलीवुड अंडरवर्ल्ड के साए में था. गैंगस्टर मूवी फाइनेंस करते थे और डायरेक्टर हफ्ता दिया करते थे. बॉलीवुड को अंडरवर्ल्ड से निजात दिलाने में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अहम भूमिका रही है.

सुषमा स्वराज 1988 में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री थीं. उस वक्त उन्होंने बॉलीवुड को फिल्म प्रोडक्शन से फिल्म इंडस्ट्री बनने तक की जर्नी में अहम भूमिका निभाई. इस अवधि के दौरान उनका सबसे उल्लेखनीय निर्णय फिल्म प्रोडक्शन को एक उद्योग के रूप में घोषित करना था, जिससे कि भारतीय फिल्म उद्योग को बैंक से कर्ज मिल सकता था. 

42 साल के सियासी सफर में इन 5 राज्यों से रहा सुषमा का गहरा नाता


पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 67 साल की उम्र में निधन हो गया. मंगलवार रात को हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. 42 साल के सियासी करियर में सुषमा ने करीब 5 राज्यों में अपनी राजनीतिक छाप छोड़ी. अपनी हाजिर जवाबी के लिए जानी जाने वाली सुषमा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत हरियाणा से की थी.

14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला में पैदा हुई सुषमा स्वराज ने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की थी. सुषमा ने 25 साल की उम्र में सबसे पहला चुनाव लड़ा था. वह हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनी थीं. उन्हें देवीलाल सरकार में मंत्री पद की भी शपथ दिलाई गई थी. 1977 से 1979 तक सुषमा ने सामाजिक कल्याण, श्रम और रोजगार जैसे 8 पद संभाले. 1987 में सुषमा स्वराज ने फिर चुनाव जीता और 1987 से 1990 तक आपूर्ति, खाद्य और शिक्षा मंत्रालय का जिम्मा संभाला.

सुषमा स्वराज थीं बेस्ट NCC कैडेट, जानिए कैसे मिलता है ये सम्मान


देश की पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ दिवंगत नेता सुषमा स्वराज अंबाला छावनी के एसडी कॉलेज में अपनी पढ़ाई के दौरान तीन साल तक नेशनल कैडेट कॉर्प्स (NCC) की बेस्ट कैडेट रहीं. 1970 में उन्हें कॉलेज की सर्वश्रेष्ठ छात्रा से सम्मानित किया गया था. एनसीसी की शुरुआत स्कूल-कॉलेज से ही हो जाती है.
माना जाता है कि एनसीसी को करने वाले आधे फौजी बन जाते हैं. इसीलिए इसकी ट्रेनिंग काफी कठिन मानी जाती है. अभी देश भर में करीब 13 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स एनसीसी से जुड़े हैं. लेकिन हर साल राष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ 9 कैडेट को बेस्ट एनसीसी कैडेट चुना जाता है.

पति, बेटी, पार्टी... कुछ ऐसे एक साथ सब संभालती गईं सुषमा स्वराज



भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात हार्ट अटैक से निधन हो गया. उनकी उम्र 67 साल थी. हरियाणा के अंबाला कैंट में सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी, 1953 को हुआ था. उनके पिता हरदेव शर्मा आरएसएस से जुड़े थे और संगठन में उनकी बहुत अच्छी छवि थी. उन्होंने अंबाला छावनी के SSD कॉलेज से BA की पढ़ाई की. सुषमा एक होनहार छात्रा थीं और अंबाला छावनी के एसडी कॉलेज से उन्हें सर्वश्रेष्ठ छात्रा का पुरस्कार मिला था. इसके बाद उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय के कानून विभाग से LLB की डिग्री लीऔर 1973 से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की. उनका राजनीतिक करियर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ शुरू हुआ.

नेहरू के 'रास्ते' से ही अनुच्छेद 35ए को समाप्त करा सकती है केंद्र की मोदी सरकार


जम्मू-कश्मीर पर श्रीनगर से लेकर दिल्ली तक अटकलों जारी हैं। राज्य से आर्टिकल 35ए के प्रावधानों को खत्म करने की अटकलों ने जोर पकड़ा है। लंबे वक्त से सुप्रीम कोर्ट में जिस अनुच्छेद 35ए के मामले पर सुनवाई लंबित है, वह राज्य के लोगों को परिभाषित करता है। चर्चा है कि केंद्र सरकार 35ए को हटाने का मन बना चुकी है। मोदी सरकार पहले भी ऐसे संकेत दे चुकी है। 35ए को 1954 में इसे तत्कालीन राष्ट्रपति (डॉ. राजेंद्र प्रसाद) के आदेश के माध्यम से संविधान में जोड़ा गया था। आर्टिकल 35ए जम्मू-कश्मीर विधानसभा को राज्य के 'स्थायी निवासी' की परिभाषा तय करने का अधिकार देता है। हाल की स्थिति में केंद्र सरकार ठीक उसी तरह अनुच्छेद 35ए को खत्म करा सकती है, जिस तरह इसे संविधान में शामिल किया गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या केंद्र सरकार 35ए को हटा सकती है और सरकार के पास क्या विकल्प हैं?

Source - Nav Bharat 



दिल्ली में पानी के बाद अब बिजली भी फ्री, 200 यूनिट तक नहीं आएगा बिल



दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान किया है. केजरीवाल ने कहा कि अगर आप 200 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं तो कोई बिल देने की जरूरत नहीं है. अगर 200 यूनिट से ऊपर खर्च करते है तो उसको पहले की तरह पूरा बिल देना होगा. इस छूट से सब्सिडी पर लगभग 1800 करोड़ का खर्च आएगा, जो पहले थे. केजरीवाल ने कहा कि 2013 से पहले 200 यूनिट के लिए 900 रुपया देना पड़ता था. अब 200 यूनिट के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे.