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दिन में तारे दिखाई क्यों नही देते हैं?

दिन में तारे दिखाई क्यों नहीं देते? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

क्या आपने कभी सोचा है?

रात के समय आकाश अनगिनत तारों से भरा हुआ दिखाई देता है, लेकिन जैसे ही सुबह होती है, सभी तारे मानो गायब हो जाते हैं। क्या दिन में तारे वास्तव में अस्तित्व में नहीं रहते, या फिर इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है?

उत्तर है—तारे दिन में भी आकाश में मौजूद रहते हैं, लेकिन हमें दिखाई नहीं देते। आइए जानते हैं इसके पीछे का विज्ञान।

दिन में तारे क्यों नहीं दिखाई देते?

इसका मुख्य कारण सूर्य का अत्यधिक तेज प्रकाश और पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering of Light) है।

सूर्य पृथ्वी के सबसे निकट स्थित तारा है। इसलिए उसकी रोशनी अन्य सभी तारों की तुलना में अत्यंत अधिक चमकीली होती है। जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो वायु के अणु और सूक्ष्म धूल के कण उसे चारों ओर फैला देते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश का प्रकीर्णन कहा जाता है।

इसी कारण पूरा आकाश नीला और अत्यधिक उज्ज्वल दिखाई देता है।

तारों की रोशनी कहाँ चली जाती है?

तारों का प्रकाश लाखों-करोड़ों किलोमीटर दूर से पृथ्वी तक पहुँचता है। इतनी लंबी दूरी तय करने के कारण उनकी रोशनी अपेक्षाकृत बहुत कमजोर होती है।

जब यह कमजोर प्रकाश सूर्य के बिखरे हुए तीव्र प्रकाश से टकराता है, तो हमारी आँखें उसे पहचान नहीं पातीं। इसलिए हमें लगता है कि दिन में तारे गायब हो गए हैं, जबकि वास्तव में वे वहीं मौजूद रहते हैं।

रात में तारे कैसे दिखाई देने लगते हैं?

रात के समय पृथ्वी का वह भाग सूर्य की ओर नहीं होता। इसलिए सूर्य का प्रकाश हमारे आकाश में नहीं फैलता।

आकाश अंधेरा हो जाता है और दूर स्थित तारों की हल्की रोशनी भी हमारी आँखों तक स्पष्ट रूप से पहुँचने लगती है। परिणामस्वरूप हमें असंख्य तारे दिखाई देने लगते हैं।

क्या दिन में कभी तारे देखे जा सकते हैं?

हाँ, कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसा संभव है।

  • पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान, जब सूर्य पूरी तरह ढक जाता है।

  • अंतरिक्ष से देखने पर, जहाँ पृथ्वी का वायुमंडल नहीं होता।

  • अत्यधिक शक्तिशाली दूरबीनों और विशेष उपकरणों की सहायता से।

यदि पृथ्वी का वायुमंडल न होता तो?

यदि पृथ्वी के पास वायुमंडल नहीं होता, तो दिन में भी आकाश काला दिखाई देता और सूर्य के साथ-साथ अनेक तारे भी दिखाई दे सकते थे। यही कारण है कि अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष से काला आकाश और तारे दिखाई देते हैं।

रोचक तथ्य

  • सूर्य स्वयं भी एक तारा है।

  • सूर्य पृथ्वी का सबसे निकट स्थित तारा है।

  • हमारी आकाशगंगा (Milky Way) में लगभग 100 से 400 अरब तारे हैं।

  • रात में खुली आँखों से लगभग 5,000–6,000 तारे देखे जा सकते हैं, लेकिन एक समय में पृथ्वी के किसी एक स्थान से लगभग 2,500–3,000 तारे ही दिखाई देते हैं।

दिन में तारे इसलिए दिखाई नहीं देते क्योंकि सूर्य का अत्यधिक तेज प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा चारों ओर बिखर जाता है। इससे पूरा आकाश इतना चमकीला हो जाता है कि दूर स्थित तारों का मंद प्रकाश हमारी आँखों तक प्रभावी रूप से नहीं पहुँच पाता। रात में जब सूर्य का प्रकाश नहीं होता, तब वही तारे स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या दिन में तारे गायब हो जाते हैं?

नहीं। वे दिन में भी आकाश में मौजूद रहते हैं, लेकिन सूर्य के प्रकाश के कारण दिखाई नहीं देते।

2. दिन में आकाश नीला क्यों दिखाई देता है?

वायुमंडल द्वारा सूर्य के प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण।

3. क्या अंतरिक्ष में दिन के समय तारे दिखाई देते हैं?

हाँ। क्योंकि वहाँ पृथ्वी जैसा वायुमंडल नहीं होता।

4. क्या सूर्य भी एक तारा है?

हाँ। सूर्य हमारे सौरमंडल का सबसे निकट स्थित तारा है।