अगर किसी राज्य विश्वविद्यालय या सरकारी कॉलेज में अच्छी प्रयोगशाला, आधुनिक लाइब्रेरी, डिजिटल कक्षाएँ, शोध की बेहतर सुविधाएँ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो, तो उसका सीधा लाभ छात्रों को मिलता है। लेकिन लंबे समय तक देश के कई सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती रही।
इसी कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने पहले राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) शुरू किया था। बाद में नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप इसे नए स्वरूप में विकसित किया गया और जून 2023 में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (Pradhan Mantri Uchchatar Shiksha Abhiyan – PM-USHA) लागू किया गया।
PM-USHA केवल भवन निर्माण की योजना नहीं है। इसका उद्देश्य राज्य विश्वविद्यालयों और सरकारी महाविद्यालयों को ऐसा बनाना है जहाँ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक, बेहतर शोध सुविधाएँ और रोजगारोन्मुख वातावरण मिल सके।